End of Atheism
नास्तिक से आस्तिक आइये जानते है इंसान आस्तिक और नास्तिक क्यों बनता है! इसके दो पहलू है- एक तो बपचन से ही जिसको जो संस्कार दिए जाते है अधिकांश व्यक्ति उसी में ढल जाते है। दूसरा यह कि जब किसी इंसान के साथ कोई अनहोनी घटना घट जाती है तो उसकी वजह से उसमें बहुत बड़ा परिवर्तन आ जाता है। इंसान बचपन से नास्तिक नहीं होता है। घर, स्कूल से उसको संस्कार, आदर्श, आदर सम्मान, ईश्वर के प्रति आस्था, दया, प्रेम, भाईचारा, मित्रता जैसे गुण सिखाये जाते है। तो फिर इंसान नास्तिक कैसे बन जाता है? इंसान के नास्तिक होने के पीछे तीन कारण हो सकते:- पहला कारण है शिक्षा । हा शिक्षा शिक्षित व्यक्ति अपने आपको औरों से बेहतर मानता है। तथा उसको जो दिखता है उसी को सत्य मानता है, ईश्वर के अस्तित्व को नकारता है, विलासितापूर्ण जीवन को अधिक पसंद करता है जिससे उसका गलत कृत्यों में लिप्त होने के चांस बढ़ जाते है और वह नास्तिकता के मार्ग पर चलने लगता है क्योंकि वहाँ उसको कोई रोकने वाला नहीं होता। दूसरा कारण यह भी है अज्ञानतावश कुछ मूर्ख(पाखण्डी) धर्म के ठेकेदारों द्वारा जाति धर्म के आधार अत्याचार किये जाते रहे है जिससे...